TCS Layoffs 2025: 12,000 नौकरियों पर संकट, जानिए पूरा मामला

TCS Layoffs 2025

भारत की सबसे बड़ी आईटी कंपनी, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), ने 2025 में अपने कार्यबल में लगभग 2% की कटौती की घोषणा की है, जिससे 12,000 से अधिक कर्मचारी प्रभावित होंगे। यह खबर न केवल टीसीएस के कर्मचारियों, बल्कि पूरे आईटी उद्योग के लिए महत्वपूर्ण है। TCS Layoffs 2025 ने कर्मचारियों और विशेषज्ञों के बीच चर्चा का विषय बना दिया है, क्योंकि यह बदलते तकनीकी परिदृश्य और आर्थिक चुनौतियों का परिणाम है। इस लेख में हम इस छंटनी के कारण, इसके प्रभाव, और कर्मचारियों के लिए उपलब्ध विकल्पों पर विस्तार से चर्चा करेंगे।

TCS Layoffs 2025: क्या है पूरा मामला?

टीसीएस ने घोषणा की है कि मार्च 2026 तक कंपनी अपने कार्यबल का 2% कम करेगी। यह छंटनी मुख्य रूप से मध्यम और वरिष्ठ प्रबंधन स्तर के कर्मचारियों को प्रभावित करेगी। इसका मतलब है कि लगभग 12,000 कर्मचारी अपनी नौकरी खो सकते हैं। कंपनी ने यह कदम “भविष्य के लिए तैयार” होने और बदलते कारोबारी माहौल में प्रतिस्पर्धी बने रहने के लिए उठाया है।

TCS Layoffs 2025 के मुख्य कारण

टीसीएस की छंटनी के पीछे कई कारक हैं। सबसे पहला कारण कंपनी की राजस्व वृद्धि में गिरावट है। जून 2025 की तिमाही में कंपनी की आय में 0.59% की गिरावट दर्ज की गई, और जुलाई 2023 से जून 2025 के बीच कंपनी की सालाना वृद्धि दर केवल 0.34% रही, जो प्रतिस्पर्धी कंपनियों जैसे इन्फोसिस और एचसीएलटेक की तुलना में काफी कम है।

दूसरा बड़ा कारण है तकनीकी बदलाव, विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ऑटोमेशन की बढ़ती भूमिका। हालांकि, टीसीएस के सीईओ के. कृथिवासन ने स्पष्ट किया है कि छंटनी पूरी तरह से AI की वजह से नहीं है, बल्कि इसके पीछे सबसे बड़ा कारण कर्मचारियों की स्किल्स और कंपनी की जरूरतों के बीच का अंतर है।

इसके अलावा, ग्राहकों की मांगों में भी बदलाव आया है। अब कई क्लाइंट्स उन्हीं सेवाओं को 20–30% कम कीमत पर प्राप्त करना चाहते हैं, जिससे कंपनी पर लागत घटाने और ऑपरेशनल स्ट्रक्चर को दोबारा व्यवस्थित करने का दबाव बढ़ गया है।

नई बेंच नीति और उसके प्रभाव

टीसीएस ने 12 जून 2025 से एक नई बेंच नीति लागू की है, जिसके तहत कर्मचारियों को साल भर में कम से कम 225 बिल योग्य दिन (billable days) कार्य करना अनिवार्य होगा। यदि कोई कर्मचारी प्रोजेक्ट के बिना ‘बेंच’ पर रहता है, तो उसे अधिकतम 35 दिनों तक ही बेंच पर रहने की अनुमति होगी। इस अवधि में कर्मचारियों को रोजाना 4 से 6 घंटे तक अपस्किलिंग ट्रेनिंग लेनी होगी और ऑफिस में मौजूद रहना अनिवार्य होगा।

इस नीति का पालन नहीं करने पर कर्मचारियों को कंपनी से बाहर किया जा सकता है और उन्हें अनुभव प्रमाणपत्र (Experience Letter) भी नहीं दिया जा सकता। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, बेंगलुरु में 100 से अधिक कर्मचारियों को पहले ही इस नीति के तहत नौकरी छोड़नी पड़ी है।

कर्मचारियों पर असर और कंपनी की प्रतिक्रिया

इस निर्णय का सबसे अधिक प्रभाव उन कर्मचारियों पर पड़ा है, जो लंबे समय से टीसीएस में कार्यरत हैं, विशेष रूप से वे जो मध्यम और वरिष्ठ प्रबंधन स्तर पर हैं। इस फैसले ने कर्मचारियों में अनिश्चितता, असुरक्षा और मानसिक तनाव को जन्म दिया है।

हालांकि टीसीएस ने प्रभावित कर्मचारियों के लिए कुछ राहत के उपाय भी किए हैं। कंपनी उन्हें विच्छेद पैकेज (Severance Package) प्रदान कर रही है, जिसमें कुछ महीनों का वेतन शामिल है। इसके अतिरिक्त, आउटप्लेसमेंट सेवाएं और कुछ हद तक स्वास्थ्य बीमा जैसे लाभ भी अस्थायी रूप से जारी रहेंगे, ताकि वे नए अवसरों की तलाश कर सकें।

कर्मचारियों के लिए भविष्य के विकल्प

भविष्य को देखते हुए, कर्मचारियों के पास अपस्किलिंग और रीस्किलिंग का अच्छा अवसर है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लाउड कंप्यूटिंग, और डेटा एनालिटिक्स जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञता हासिल करना अब समय की मांग है। इसके लिए Coursera, Udemy, और LinkedIn Learning जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म काफी उपयोगी हो सकते हैं।

इसके अलावा, आईटी के बाहर भी कई क्षेत्र हैं, जैसे फिनटेक, स्टार्टअप्स, ई-कॉमर्स, जहां अनुभवी आईटी प्रोफेशनल्स की जरूरत बनी हुई है। कुछ कर्मचारी फ्रीलांसिंग या स्वरोजगार की ओर भी रुख कर सकते हैं, जहां Upwork और Freelancer जैसे प्लेटफॉर्म उन्हें नई संभावनाएं दे सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

Q1. टीसीएस की इस छंटनी से कितने लोग प्रभावित होंगे?

Ans. लगभग 12,000 कर्मचारी, जो कि कंपनी के कुल वर्कफोर्स का करीब 2% है।

Q2. क्या AI के कारण नौकरी जा रही है?

Ans. AI एक कारण है, लेकिन सबसे बड़ा कारण स्किल गैप और बाजार की बदलती मांगें हैं।

Q3. क्या कंपनी प्रभावित कर्मचारियों की मदद कर रही है?

Ans. हां, कंपनी उन्हें विच्छेद पैकेज, नौकरी खोजने में सहायता और कुछ अन्य लाभ प्रदान कर रही है।

Q4. नई बेंच नीति से कर्मचारियों पर क्या असर हो रहा है?

Ans. बेंच नीति के तहत बेंच पर सीमित समय ही रुकने की अनुमति है, और इस दौरान ट्रेनिंग तथा ऑफिस आना अनिवार्य है। नीति न मानने पर नौकरी जा सकती है।

निष्कर्ष

टीसीएस की छंटनी 2025 एक महत्वपूर्ण मोड़ है – यह एक चुनौती भी है और अवसर भी। इस बदलाव ने जहां कई कर्मचारियों के लिए अनिश्चितता बढ़ाई है, वहीं यह अपने करियर को नए सिरे से देखने का मौका भी देता है। यदि कर्मचारी समय रहते खुद को नए स्किल्स के साथ तैयार करते हैं और टेक्नोलॉजी की दिशा में आगे बढ़ते हैं, तो वे इस कठिन समय को अपने पक्ष में बदल सकते हैं।

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